साइक्लोन 'अर्नब' ने पार किया आंध्र का तट, अब किन इलाक़ों में भारी बारिश का ख़तरा?

साइक्लोन अर्नब ने आंध्र प्रदेश और यनम के तट को पार कर लिया
इमेज कैप्शन, साइक्लोन अर्नब ने आंध्र प्रदेश और यनम के तट को पार कर लिया
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भारत मौसम विभाग यानी आईएमडी के मुताबिक़, साइक्लोन अर्नब ने बुधवार सुबह 2 बजे से 8 बजे के बीच आंध्र प्रदेश और यनम के तट को पार किया. यह लैंडफॉल बापटला और विशाखापट्टनम के बीच, यनम के दक्षिण-पश्चिम में हुआ.

मौसम विभाग के मुताबिक़, उस समय अर्नब बहुत गंभीर चक्रवाती तूफ़ान था और इसकी अधिकतम लगातार हवा की रफ़्तार 125-135 किमी/घंटे थी, जबकि झोंकों की रफ़्तार 150 किमी/घंटे तक पहुंची.

सुबह 8:30 बजे अर्नब का केंद्र तटीय आंध्र प्रदेश और यनम के ऊपर था. यह नरसापुर से करीब 20 किलोमीटर पूर्व-उत्तरपूर्व, यनम से 40 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम और काकीनाडा से करीब 60 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में था.

मौसम विभाग के मुताबिक़, अब अर्नब अगले 48 घंटों में उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा और धीरे-धीरे कमज़ोर होगा. अगले छह घंटों में इसके चक्रवाती तूफ़ान और उसके बाद के छह घंटों में डीप डिप्रेशन में बदलने का अनुमान है.

आगे किन इलाक़ों में असर?

ओडिशा के गोपालपुर में साइक्लोन अर्नब का असर
इमेज कैप्शन, ओडिशा के गोपालपुर में साइक्लोन अर्नब का असर

मौसम विभाग के मुताबिक़, तटीय आंध्र प्रदेश में 28 अक्तूबर को बेहद भारी बारिश की चेतावनी है. 29 अक्तूबर को भी भारी बारिश, गरज-चमक और तेज़ हवाओं का असर रह सकता है.

रायलसीमा में 28 से 1 नवंबर तक गरज-चमक और तेज़ हवाओं का दौर जारी रहने की चेतावनी है.

दक्षिण ओडिशा में भी असर की आशंका है. मौसम विभाग के मुताबिक़ यहां कई जगह भारी से बहुत भारी बारिश और कुछ जगह बेहद भारी बारिश हो सकती है. समुद्र में भी ऊंची लहरें उठ सकती हैं.

यानी अर्नब के तट पार करने के बाद भी आंध्र प्रदेश और ओडिशा के कई इलाक़ों में बारिश और तेज़ हवाओं का असर बना रहेगा, जबकि तूफ़ान के कमज़ोर होने के साथ इसकी तीव्रता धीरे-धीरे घटेगी.

अर्नब
इमेज कैप्शन, 28 अक्तूबर, 2026 को चक्रवात अर्नब के तट से टकराने के दौरान आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में एक व्यक्ति पानी से भरी सड़क पर साइकिल चलाता हुआ

इसके अलावा इन जगहों के बारे में ये जानकारी दी गई है

  • दिल्ली: 29 अक्तूबर को सामान्यतः बादल छाए रहने और मध्यम बारिश का अनुमान है. 30 अक्तूबर को गरज के साथ बारिश हो सकती है.
  • पूर्वी मध्य प्रदेश: 28 अक्तूबर को भारी बारिश, 29 अक्तूबर को बहुत भारी बारिश और 30 अक्तूबर को फिर भारी बारिश की चेतावनी है. गरज-चमक और तेज़ हवाओं का भी अनुमान है.
  • पश्चिमी मध्य प्रदेश: 29 से 31 अक्तूबर तक गरज-चमक और तेज़ हवाओं का अनुमान है.
  • इसके अलावा मौसम विभाग के अपडेट में तेलंगाना, विदर्भ, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा और बिहार समेत कई इलाक़ों में बारिश की चेतावनी है.

उड़ानों पर असर

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इमेज कैप्शन, चक्रवात अर्नब के संभावित तट से टकराने से पहले, 27 अक्तूबर 2026 को आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में बारिश के दौरान एक महिला बच्चे के साथ राहत शिविर पहुँचती हुई

चक्रवात अर्नब के प्रभाव के कारण तमिलनाडु के चेन्नई के उत्तरी हिस्सों और तिरुवल्लूर ज़िलों में एन्नोर एक्सप्रेसवे के अलावा अन्य तटीय सड़कों पर परिवहन व्यवस्था प्रभावित हुई है. इस दौरान ऊंची लहरें उठकर ज़मीन तक पहुँचती देखी गईं.

विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम में एयरलाइंस ने कम से कम 21 उड़ानें रद्द कर दीं. मंगलवार को विजयवाड़ा हवाई अड्डे से हैदराबाद, चेन्नई, बेंगलुरु, विशाखापत्तनम और कडप्पा जाने वाली पांच उड़ानें रद्द कर दी गईं. विजयवाड़ा हवाई अड्डा प्रशासन ने बुधवार को भी सभी उड़ानें रद्द कर दी हैं.

चंद्रबाबू नायडू ने क्या कहा?

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समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को कहा कि चक्रवात अर्नब के कारण अब तक किसी की जान जाने की ख़बर नहीं है. उन्होंने इसका श्रेय प्रशासन की ओर से पहले से किए गए एहतियाती उपायों को दिया, जिनसे जानमाल के नुक़सान को रोकने में मदद मिली.

ज़िला कलेक्टरों समेत 32,000 कर्मियों के साथ टेली-कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संपत्ति के नुक़सान को कम से कम किया जाए और चक्रवात प्रभावित इलाक़ों में जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल की जाए.

नायडू ने एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, "चक्रवात अर्नब के कारण अब तक किसी की जान जाने की ख़बर नहीं है. प्रशासनिक तंत्र की ओर से पहले से किए गए एहतियाती उपायों से जनहानि रोकने में मदद मिली."

अर्नब के तट के क़रीब पहुँचने के साथ ही आंध्र प्रदेश के उत्तरी ज़िलों में भारी बारिश हुई. इससे एक व्यक्ति की मौत हो गई और बड़े पैमाने पर नुक़सान हुआ. वहीं, दक्षिणी ओडिशा में भी लोगों के बीच चिंता बनी हुई है.

विशाखापत्तनम में सैकड़ों पेड़ उखड़ गए हैं. ग्रेटर विशाखापत्तनम नगर निगम ने मंगलवार शाम छह बजे तक इनमें से 55 पेड़ों को हटाया था. सड़कें खोलने और यातायात बहाल करने के लिए पेड़ों को हटाने वाली 30 टीमें काम कर रही हैं.

नगर निगम के आयुक्त केतन गर्ग ने गजुवाका जाते समय पूर्वी और दक्षिणी ज़ोन के कुछ हिस्सों का निरीक्षण किया. उन्होंने अधिकारियों को मौक़े पर मौजूद रहने और गिरे हुए पेड़ों के साथ मलबे को तुरंत हटाने का निर्देश दिया. सफ़ाई कर्मचारियों को रातभर काम करने के लिए कहा गया है.

कई पेड़ उखड़े और बाढ़ जैसी स्थिति

अर्नब तूफ़ान
इमेज कैप्शन, चक्रवात अर्नब के संभावित तट से टकराने से पहले, 27 अक्तूबर 2026 को आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में बारिश के दौरान बंगाल की खाड़ी के तट पर छाते लेकर जाते लोग

अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि यनम में अब तक 2,000 लोग ही राहत शिविरों में पहुँचे हैं. बार-बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद ज़्यादातर लोग अपने घर छोड़ने को तैयार नहीं हैं. पुडुचेरी के इस क्षेत्र में, जहां से चक्रवात के तट पार करने की आशंका है, क़रीब 5,000 लोगों के लिए 20 राहत शिविर बनाए गए हैं.

यनम के क्षेत्रीय प्रशासक शिवराज मीणा ने द हिंदू को बताया, "ज़्यादातर लोग राहत शिविरों में जाने को तैयार नहीं हैं. ऐसे में हमें उन्हें समझाने के लिए एनडीआरएफ़ के कर्मियों और स्थानीय पुलिस को तैनात करना पड़ रहा है."

55,600 से अधिक आबादी वाले यनम में एनडीआरएफ़ के क़रीब 100 जवान तैनात हैं. नुकसान को कम करने के लिए सड़कों के किनारे लगे पेड़ों की छंटाई भी की गई है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, काकीनाडा ज़िले में भारी बारिश और समुद्र का पानी भर जाने से बॉम्बे कट्टा इलाक़े के पास बाढ़ के पानी में फँसे चार लोगों को पुलिस ने बचाया. ज़िला पुलिस की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई.

ये चारों लोग सुबह ड्यूटी पर पहुँचे थे, लेकिन रात तक वहीं फँसे रहे. बाढ़ के पानी ने उस जगह को पूरी तरह घेर लिया था, जहाँ वे ठहरे हुए थे. इस वजह से उनके बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा था. उन्होंने पुलिस को अपनी स्थिति की जानकारी दी, जिसके बाद बचाव अभियान शुरू किया गया.

विज्ञप्ति के अनुसार, पुलिस ने चारों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, उन्हें एक वाहन में बैठाया और उनके घर भेज दिया.

इस बीच, चक्रवात अर्नब के कारण काकीनाडा एंकरिज पोर्ट स्थित सीडब्ल्यूसी के गोदामों में तीन लोगों के फँसे होने की ख़बर मिली. भारी बारिश और समुद्र का पानी परिसर में घुसने से वहाँ बाढ़ जैसी स्थिति बन गई थी. इसके अलावा, बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई थी.

स्थिति तब गंभीर हो गई, जब रात की शिफ्ट में काम करने वाले कर्मचारी गोदाम परिसर से बाहर नहीं निकल सके. बाढ़ के पानी ने पूरे इलाक़े को घेर लिया था.

पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि जब तक बेहद ज़रूरी न हो, वे घरों से बाहर न निकलें और बाढ़ के पानी से भरे इलाक़ों से दूर रहें.

अर्नब
इमेज कैप्शन, चक्रवात अर्नब के संभावित तट से टकराने से पहले, 27 अक्तूबर 2026 को आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में बारिश के दौरान बंगाल की खाड़ी के तट पर स्कूटर चलाता एक व्यक्ति

इस साइक्लोन का नाम अर्नब कैसे पड़ा?

चक्रवात अपने नाम 'अर्नब' को लेकर भी चर्चा में है. इसके नामकरण की प्रक्रिया और इसके पीछे की वजह लोगों का ध्यान खींच रही है.

इस चक्रवात का नाम बांग्लादेश ने प्रस्तावित किया था. यह बंगाली शब्द है, जिसका अर्थ 'महासागर' या 'समुद्र' होता है. यह नाम उत्तर हिंद महासागर में आने वाले उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के नामकरण की व्यवस्था का हिस्सा है.

उत्तर हिंद महासागर के चक्रवातों के नामों की सूची में 52 नाम शामिल हैं. ये नाम 13 देशों- बांग्लादेश, भारत, ईरान, मालदीव, म्यांमार, ओमान, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, श्रीलंका, थाईलैंड, संयुक्त अरब अमीरात और यमन ने दिए हैं. इस सूची को अप्रैल 2020 में अपनाया गया था.

बंगाल की खाड़ी दुनिया के उन प्रमुख क्षेत्रों में से एक है, जहाँ उष्णकटिबंधीय चक्रवात आते हैं.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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